fast-indexing-api domain was triggered too early. This is usually an indicator for some code in the plugin or theme running too early. Translations should be loaded at the init action or later. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 6.7.0.) in /home4/a163124s/patelpratik.online/wp-includes/functions.php on line 6131
Delhi Police newss : દિલ્હી પોલીસની ક્રાઈમ બ્રાન્ચે આંતરરાષ્ટ્રીય હથિયાર તસ્કરીના એક મોટા રેકેટનો પર્દાફાશ કર્યો છે. પોલીસે આ ગેંગ સાથે જોડાયેલા ચાર આરોપીઓની ધરપકડ કરી છે, જેઓ પાકિસ્તાનથી ડ્રોન મારફતે મોકલવામાં આવેલા અત્યાધુનિક હથિયારોની સપ્લાય ભારતના કુખ્યાત ગેંગસ્ટરો સુધી પહોંચાડવાનો પ્રયાસ કરી રહ્યા હતા.
કેવી રીતે પાર પડ્યું ઓપરેશન?
ક્રાઈમ બ્રાન્ચને બાતમી મળી હતી કે કેટલાક તસ્કરો રાજધાની દિલ્હીમાં હથિયારોની મોટી ખેપ પહોંચાડવા માટે આવવાના છે. આ ઈનપુટના આધારે, પોલીસે દિલ્હીના રોહિણી વિસ્તારમાં ટ્રેપ ગોઠવી હતી અને ચારેય આરોપીઓને હથિયારોના મોટા જથ્થા સાથે ઝડપી પાડ્યા હતા. ધરપકડ કરાયેલા આરોપીઓ પંજાબ અને ઉત્તર પ્રદેશના રહેવાસી છે.
ક્યાંથી આવ્યા હથિયાર અને કોને મળવાના હતા?
પોલીસના જણાવ્યા અનુસાર, હથિયારોની આ ખેપ પાકિસ્તાનથી ડ્રોન દ્વારા પંજાબના રસ્તે ભારત પહોંચાડવામાં આવી હતી. ત્યાંથી, આ તસ્કરો તેને દિલ્હી લાવ્યા હતા, જ્યાંથી તે લોરેન્સ બિશ્નોઈ, બંબીહા, ગોગી અને હિમાંશુ ભાઉ જેવી કુખ્યાત ગેંગને સપ્લાય થવાની હતી. જપ્ત કરાયેલા હથિયારોમાં તુર્કી અને ચીનમાં બનેલા હાઈ-ટેક અને અત્યાધુનિક વેપન્સનો સમાવેશ થાય છે. પોલીસે આ સમગ્ર નેટવર્કની ઊંડાણપૂર્વક તપાસ શરૂ કરી છે અને આ રેકેટના અન્ય સભ્યોને પકડવા માટે ચક્રો ગતિમાન કર્યા છે.
]]>
SWREL ने बताया कि उसे तीन नए प्रोजेक्ट्स मिले हैं –
इन तीनों ऑर्डर्स के साथ कंपनी का FY26 में कुल order inflow ₹3,775 करोड़ तक पहुंच गया है। कंपनी के Global CEO, चंद्र किशोर ठाकुर के अनुसार, ये नए ऑर्डर्स कंपनी की भारत में मजबूत पकड़ और दक्षिण अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय मार्केट्स में बढ़ती मौजूदगी को दर्शाते हैं।
कंपनी का मार्केट कैप अभी ₹5,170.50 करोड़ है, और इसका शेयर ₹221.44 पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले दिन के मुकाबले 2.22% नीचे है।
दिलचस्प बात यह है कि Reliance New Energy Ltd (Reliance Industries की subsidiary) की 32.5% हिस्सेदारी इस कंपनी में है।
Sterling & Wilson Renewable Energy Ltd का बिज़नेस मॉडल end-to-end EPC solutions पर आधारित है – यानी डिजाइन से लेकर इंस्टॉलेशन और maintenance तक की पूरी सेवा।
कंपनी का पोर्टफोलियो इस प्रकार है:
| पैरामीटर | डिटेल |
|---|---|
| कुल प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो | 24.4 GWp |
| ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस (O&M) | 9.1 GWp (थर्ड पार्टी सहित) |
| काम करने वाले देश | 28 (भारत, मिडल ईस्ट, अफ्रीका, यूरोप, एशिया आदि) |
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो:
कंपनी ने Q2 FY26 में ₹1,749 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया, जो पिछले साल के मुकाबले 69.8% ज़्यादा है (Q2 FY25 में ₹1,030 करोड़)।
हालांकि, QoQ बेसिस पर रेवेन्यू थोड़ा घटा – Q1 FY26 के ₹1,762 करोड़ से 0.7% कम।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि कंपनी ने इस तिमाही में ₹478 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹9 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था। यानी ग्रोथ तो दिख रही है, पर प्रॉफिटेबिलिटी फिलहाल दबाव में है।
SWREL के लिए यह साल ऑर्डर्स और एक्सिक्यूशन के लिहाज़ से अहम दिख रहा है। कंपनी के पास अब मजबूत ऑर्डर बुक है, जो आने वाले कुछ क्वार्टर्स में revenue visibility दे सकती है।
हालांकि, उच्च कर्ज़ और घटती प्रॉफिटेबिलिटी जैसी चुनौतियाँ ध्यान में रखनी होंगी।

इरकॉन इंटरनेशनल को पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड से पीडीएच-पीपी संयंत्र (ईथेन और प्रोपेन भंडारण तथा संचालन सुविधा) के सिविल, स्ट्रक्चरल और भूमिगत कार्यों के लिए आदेश प्राप्त हुआ है।
इस परियोजना की कुल कीमत 360.28 करोड़ रुपये है और इसे 18 माह में पूरा किया जाना है। यह बड़ा घरेलू ऑर्डर कंपनी की औद्योगिक निर्माण क्षेत्र में पकड़ को और मज़बूत करेगा और उसकी तकनीकी दक्षता को दर्शाता है।
रेलवे और हाइवे प्रोजेक्ट्स के बाद अब इरकॉन औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में भी तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।
जून 2025 तक इरकॉन इंटरनेशनल के पास लगभग ₹20,973 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक है। इसमें –
भौगोलिक दृष्टि से देखा जाए तो 90% ऑर्डर भारत के अंदर हैं, जबकि 10% अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं से जुड़े हुए हैं।
इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड की स्थापना 1976 में हुई थी। यह रेल मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है।
कंपनी रेलवे निर्माण, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन, हाइवे और विद्युत सब-स्टेशन इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में कार्य करती है।
इरकॉन ने अब तक 405 घरेलू और 130 अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। इनमें –
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी की आय ₹2,287 करोड़ से घटकर ₹1,786 करोड़ रह गई, यानी लगभग 22% की गिरावट।
नेट प्रॉफिट भी ₹224 करोड़ से घटकर ₹164 करोड़ हुआ, जो 27% की कमी दर्शाता है।
पिछले पाँच वर्षों में कंपनी की आय 14.82% और लाभ 8.46% की सीएजीआर दर से बढ़े हैं।
वहीं, पूंजी पर प्रतिफल (ROCE) 11.6 प्रतिशत और इक्विटी पर प्रतिफल (ROE) 11.3 प्रतिशत है। कंपनी का ऋण-से-इक्विटी अनुपात 0.68 गुना है।
इरकॉन इंटरनेशनल भारत की सबसे भरोसेमंद इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में से एक है। नए 360 करोड़ रुपये के ऑर्डर के साथ कंपनी का औद्योगिक निर्माण क्षेत्र में कदम और मज़बूत हुआ है। मजबूत ऑर्डर बुक, सरकारी सहयोग और तकनीकी विशेषज्ञता इसे आने वाले वर्षों में इंफ्रा सेक्टर की बड़ी ताकत बना सकती है।
]]>
इस अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर के तहत कंपनी को करना है:
यानि यह एक EPCIC (Engineering, Procurement, Construction, Installation & Commissioning) पैकेज है – जिसमें हर छोटी-बड़ी चीज़ की ज़िम्मेदारी कंपनी की है। और L&T की यही खासियत है – बड़े, जटिल प्रोजेक्ट्स को समय पर और सुरक्षा के साथ पूरा करना।
मंगलवार को कंपनी का शेयर 0.4% बढ़कर ₹3,437.95 तक पहुंचा, जबकि पिछला क्लोज ₹3,422.20 था। कंपनी की मार्केट कैप अब ₹4.73 लाख करोड़ से ऊपर है, जो इसे बड़े और भरोसेमंद प्लेयर्स की लिस्ट में रखता है।
Q4FY25 में कंपनी का प्रदर्शन कुछ इस तरह रहा:
इसी तिमाही में कंपनी को कुल ₹89,600 करोड़ के नए ऑर्डर मिले:
कंपनी की कुल ऑर्डर बुक में अब इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा 62% है, जिससे साफ होता है कि यही L&T की सबसे बड़ी ताकत है।
Offshore ऑयल और गैस सेक्टर में L&T की Hydrocarbon डिवीजन पूरी दुनिया में जानी जाती है। कंपनी के पास है:
चाहे shallow-water हो या deep-sea, L&T हर जगह अपने EPCIC सॉल्यूशन्स के लिए पहचानी जाती है।
1938 में बनी इस कंपनी ने कई दशकों में खुद को इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, डिफेंस, आईटी सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में फैलाया है। इनकी कस्टमर-सेंट्रिक अप्रोच, टेक्नोलॉजी पर पकड़ और क्वालिटी के लिए प्रतिबद्धता ने इसे दुनिया की सबसे भरोसेमंद इंजीनियरिंग कंपनियों में शामिल कर दिया है।
L&T को मिला ये ₹15,000+ करोड़ का अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्ट नहीं है, बल्कि ये एक इंटरनेशनल विश्वास की मोहर है। कंपनी ने फिर साबित कर दिया कि वह मेगा-प्रोजेक्ट्स को हैंडल करने में माहिर है, और ये उसके 80 साल के अनुभव का नतीजा है।
]]>
लेकिन असली गेम तो तब शुरू हुआ, जब कुछ शेयरों ने अचानक ऐसी उछाल दिखाई, कि सबकी निगाहें उन्हीं पर टिक गईं। कौन हैं ये मार्केट के नए स्टार्स? चलिए समझते हैं आसान और दिलचस्प तरीके से।
आज सुबह Sensex लगभग 257 पॉइंट्स की मजबूती के साथ खुला, जिसने ट्रेडर्स को अच्छा मूड दिया। सेक्टर की बात करें, तो:
यानि, कुल मिलाकर मार्केट पॉजिटिव जोन में खुला, लेकिन कुछ सेक्टर्स अभी भी स्ट्रगल करते नजर आए।
आज के प्री-ओपनिंग सेशन में 3 शेयरों ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इन शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज हुई, और ये BSE के टॉप गेनर्स की लिस्ट में आ गए।
ये स्टॉक आज सुबह 5.50% बढ़कर ₹183.30 पर पहुंच गया। कंपनी ने हाल ही में अपने Q1 FY 2025-26 के नतीजे जारी किए हैं, जिसका पॉजिटिव असर शेयर प्राइस पर साफ देखा गया। नतीजों के चलते निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ है।
GVTD Ltd का शेयर 5.00% चढ़कर ₹2,604.25 पर ट्रेड कर रहा है। ये तेजी भी कंपनी के Q1 FY 2025-26 रिजल्ट्स आने के बाद ही दिखी। मजबूत वित्तीय नतीजों की वजह से GVTD Ltd के निवेशकों के चेहरे पर रौनक लौट आई है।
तीसरा नाम Schaeffler India Ltd का है, जो आज प्री-ओपनिंग में 4.99% की तेजी के साथ ₹4,247.80 पर पहुंच गया। दिलचस्प बात ये है कि कंपनी ने हाल-फिलहाल कोई बड़ा ऐलान नहीं किया है। ऐसे में शेयर की ये तेजी मार्केट सेंटिमेंट और ट्रेडर्स की दिलचस्पी की वजह से आई है।
नीचे इन तीनों शेयरों की तेजी एक टेबल में समझें:
| कंपनी का नाम | शेयर प्राइस | तेजी (%) | तेजी का कारण |
|---|---|---|---|
| The New India Assurance | ₹183.30 | 5.50% | पॉजिटिव Q1 नतीजे |
| GVTD Ltd | ₹2,604.25 | 5.00% | Q1 के अच्छे रिजल्ट्स |
| Schaeffler India Ltd | ₹4,247.80 | 4.99% | मार्केट सेंटिमेंट |
मार्केट में इन शेयरों का तेजी से उछलना निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत माना जा सकता है। जो निवेशक पहले से इन कंपनियों में पैसा लगा चुके हैं, उनके लिए तो दिन की शुरुआत शानदार रही। वहीं दूसरी तरफ, जो लोग इन शेयरों पर नज़र बनाए हुए थे, उनके लिए भी ये ट्रेंड अहम साबित हो सकता है।
स्टॉक मार्केट की यही खासियत है, यहां हर सुबह कुछ नया सीखने और समझने का मौका मिलता है। आगे भी इन तीन शेयरों और सेक्टर्स पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। आखिर कौन सा शेयर अगला बड़ा स्टार बनेगा, ये तो मार्केट ही बताएगा।
]]>
Varun Beverages ने Q2 CY2025 के रिज़ल्ट के साथ ये घोषणा की:
यानि कंपनी अपने निवेशकों को लगातार रिवॉर्ड देने में भरोसा रख रही है, भले ही इस बार बारिश ने सेल्स को धो डाला हो।
डिविडेंड के लिए कंपनी ने दो तारीखें तय की हैं:
जो भी शेयरहोल्डर्स 2 अगस्त तक कंपनी के शेयर होल्ड कर रहे होंगे, उन्हें ये इंटरिम डिविडेंड मिलेगा।
अब आते हैं कंपनी के तिमाही रिज़ल्ट्स पर:
कंपनी ने बताया कि असमय और भारी बारिश की वजह से इंडिया में डिमांड गिर गई, जिससे सेल्स पर असर पड़ा:
यानि कंपनी ने operational efficiencies और lower finance cost के दम पर मुनाफा तो बढ़ा लिया, पर top-line पर मौसम ने ब्रेक लगा दिया।
29 जुलाई को Q2 रिज़ल्ट्स के दिन Varun Beverages का शेयर 3% बढ़कर ₹501 तक पहुंच गया। इसका साफ मतलब है, डिविडेंड और मुनाफा ग्रोथ से इन्वेस्टर्स खुश हैं।
Varun Beverages Ltd ने इस तिमाही में भले ही थोड़ी revenue slowdown देखी हो, लेकिन operational level पर मजबूत पकड़ और इंटरनेशनल ग्रोथ ने नुकसान की भरपाई कर दी। साथ ही, डिविडेंड एलान से शेयरहोल्डर्स को भी सीधा फायदा मिला।
]]>
Ashapuri Gold Ornament Limited की कहानी 1997 में शुरू हुई थी और 2008 में ये कंपनी आधिकारिक रूप से बनी। गुजरात के अहमदाबाद में स्थित ये कंपनी पूरे इंडिया के जूलर्स को सोने के गहने सप्लाई करती है। पिछले 27 सालों में Ashapuri Gold की सबसे बड़ी खासियत रही है उसकी क्वालिटी, ट्रेंडी डिजाइन्स, और 17,000 से भी ज्यादा गहनों के कलेक्शन।
कंपनी के पास 300 से ज्यादा स्किल्ड वर्कर्स हैं जो लगातार नए-नए डिजाइन बनाते रहते हैं। यही वजह है कि Ashapuri Gold इंडियन गोल्ड मार्केट का बड़ा B2B ब्रांड बन चुका है।
कंपनी ने अपने लेटेस्ट रिजल्ट्स (Q1FY26) में अच्छा प्रदर्शन किया है। इसकी कुल कमाई ₹52.96 करोड़ रही, जो पिछले साल (Q1FY25) की तुलना में 19% ज्यादा है। EBITDA (साधारण शब्दों में ऑपरेशनल प्रॉफिट) ₹5.02 करोड़ रहा, जो 34% बढ़ा। इसके अलावा, PAT यानी टैक्स के बाद मुनाफा ₹3.17 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 22% ज्यादा है।
FY25 की बात करें, तो कंपनी ने ₹317.41 करोड़ का टोटल रेवेन्यू, ₹17.23 करोड़ का EBITDA और ₹12.04 करोड़ का PAT दर्ज किया था। मतलब साफ है, Ashapuri Gold लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
| फाइनेंशियल आंकड़े | Q1FY26 | ग्रोथ (YoY) |
|---|---|---|
| टोटल इनकम | ₹52.96 करोड़ | 19% |
| EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) | ₹5.02 करोड़ | 34% |
| नेट प्रॉफिट (PAT) | ₹3.17 करोड़ | 22% |
Ashapuri Gold को हाल ही में Gem & Jewellery Show 2025 से करीब ₹11 करोड़ का बड़ा ऑर्डर मिला है। ये ऑर्डर देश की बड़ी जूलरी रिटेल चेन्स से मिला है, जो कंपनी की बढ़ती ब्रांड वैल्यू और उसके डिजाइन्स की पॉपुलैरिटी का सबूत है। ये ऑर्डर कंपनी की सेल्स को आने वाले दिनों में और मजबूती देगा।
हालांकि कंपनी के अच्छे नतीजों के बावजूद बुधवार को शेयर प्राइस में 2.05% की गिरावट रही। Ashapuri Gold का शेयर ₹6.82 से गिरकर ₹6.89 पर बंद हुआ। इसका 52-वीक हाई ₹10.93 और 52-वीक लो ₹5.87 है। कंपनी की मार्केट वैल्यू ₹200 करोड़ से ज्यादा है और 52-वीक लो से ये शेयर 13.8% ऊपर है।
Ashapuri Gold Ornament Limited, लगातार बढ़ती सेल्स, बड़े ऑर्डर्स और मजबूत ब्रांड की वजह से निवेशकों के रडार पर है। ये देखना होगा कि ये छोटा गोल्ड स्टॉक आने वाले दिनों में मार्केट में कितना चमक दिखा पाता है।
]]>
ACME Solar ने NHPC के साथ दो स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट्स के लिए एग्रीमेंट साइन किए हैं। इनकी कुल कैपेसिटी 275 MW / 550 MWh है। यह प्रोजेक्ट्स 24 जून 2025 को हुए ई-रिवर्स ऑक्शन में ACME को मिले थे।
सरकार की Viability Gap Funding (VGF) स्कीम के तहत, इन प्रोजेक्ट्स को ₹27 लाख प्रति MWh या टोटल प्रोजेक्ट कॉस्ट का 30% (जो भी कम हो) फंडिंग मिलेगी।
8 जुलाई 2025 को ACME को लेटर ऑफ अवार्ड (LOA) मिला, और अब BESPA साइन हो चुका है। आंध्र प्रदेश में यह प्रोजेक्ट्स 18 महीने के अंदर कमीशन होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि लैंड और इवैक्यूएशन इंफ्रास्ट्रक्चर कस्टमर (NHPC) की तरफ से मिलेगा, जिससे प्रोजेक्ट्स की स्पीड बढ़ सकती है।
कंपनी के पास खुद का EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन) और O&M (ऑपरेशन्स एंड मेंटेनेंस) डिवीजन है, जिससे प्रोजेक्ट्स कॉस्ट-इफेक्टिव और टाइमली पूरे होते हैं।
यह डील ACME Solar के ग्रोथ स्टोरी को और मजबूत करती है। बैटरी स्टोरेज सेक्टर में यह बड़ा कदम है, क्योंकि भारत में रिन्यूएबल एनर्जी के साथ स्टोरेज सॉल्यूशंस की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। सरकार की VGF सपोर्ट से प्रोजेक्ट्स की वायबिलिटी भी बढ़ जाती है।
हालांकि, P/E रेश्यो 66x है, जो थोड़ा हाई लग सकता है। लेकिन अगर कंपनी अपने प्रोजेक्ट्स को टाइम पर पूरा करती है और फ्यूचर में और कॉन्ट्रैक्ट्स साइन करती है, तो स्टॉक में और अपसाइड हो सकता है।
ACME Solar का यह मूव क्लीन एनर्जी सेक्टर में उसकी स्ट्रैटेजिक पोजीशनिंग को दिखाता है। यदि आप लॉन्ग-टर्म में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर भरोसा करते हैं, तो ACME Solar एक दिलचस्प प्लेयर हो सकता है। लेकिन हमेशा की तरह, अपनी रिसर्च करें और रिस्क फैक्टर्स को समझें।
]]>
हैटसन एग्रो प्रोडक्ट लिमिटेड ने शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद अपने Q1 FY26 के फाइनेंशियल रिजल्ट्स डिक्लेयर किए। नतीजे कुछ ऐसे रहे:
इसके अलावा, कंपनी ने FY26 के लिए ₹6 प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।
आज 11:12 AM तक हैटसन एग्रो का शेयर BSE पर ₹999.75 पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस (₹952) से करीब 5% ऊपर है। हालांकि, पिछले एक साल में यह शेयर 17% नीचे चला गया था, लेकिन पिछले एक महीने में 6% का उछाल आया है।
यह इंडिया की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर डेयरी कंपनी है, जो आइसक्रीम, दूध, पनीर, घी, और कैटल फीड जैसे प्रोडक्ट्स बनाती है। इसके ब्रांड्स में अरुण आइसक्रीम, आरोग्य मिल्क, हैटसन पनीर आदि शामिल हैं।
Q1 में मुनाफे में आई भारी बढ़त ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। EBITDA मार्जिन का सुधार और डिविडेंड की घोषणा ने भी कॉन्फिडेंस बढ़ाया है। हालांकि, लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस पर नजर रखनी होगी, क्योंकि पिछले साल यह शेयर काफी नीचे भी गिरा था।
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि डेयरी सेक्टर में बढ़ती डिमांड और कंपनी की स्ट्रॉन्ग प्रोडक्ट रेंज इसे आगे भी ग्रोथ दे सकती है। हालांकि, रॉ मटीरियल की कीमतें और कंपटीशन चैलेंज बने रहेंगे।
हैटसन एग्रो के Q1 रिजल्ट्स ने शॉर्ट-टर्म में तो उम्मीद जगा दी है, लेकिन निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स और सेक्टर ट्रेंड्स को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। अगर आप भी स्टॉक मार्केट की दुनिया में नए हैं, तो ऐसी खबरों पर नजर रखें और रिसर्च करके ही कोई कदम उठाएं।
]]>
Eco Recycling Ltd ने अपनी ई-वेस्ट रिसाइकिलिंग क्षमता को 18,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) बढ़ाने का ऐलान किया है। साथ ही, कंपनी अब 6,000 MTPA लिथियम-आयन बैटरियों को भी रिसाइकिल करेगी। यह नया प्लांट मुंबई के वसई में 40,000 वर्ग फुट की मॉडर्न फैसिलिटी में सेटअप किया जाएगा।
यह भारत की पहली और लीडिंग ई-वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी है, जो निम्नलिखित सर्विसेज प्रदान करती है:
कंपनी ने ‘BookMyJunk’ नाम का एक ऐप भी लॉन्च किया है, जिसकी तारीफ PM मोदी ने ‘मन की बात’ में भी की थी।
आज Eco Recycling Ltd के शेयर ₹622 पर ओपन हुए (पिछले दिन के क्लोजिंग प्राइस ₹618.65 के मुकाबले) और इंट्राडे में ₹638 तक पहुंच गए। कंपनी का मार्केट कैप ₹1,216 करोड़ है, और इसके प्रमोटर्स के पास 72.36% हिस्सेदारी है।
भारत में ई-वेस्ट मैनेजमेंट का मार्केट तेजी से बढ़ रहा है। Eco Recycling का यह एक्सपेंशन उसे इस ग्रोथ का फायदा उठाने में मदद करेगा। अगर कंपनी अपने रेवेन्यू और प्रॉफिट को इसी तरह बढ़ाती रही, तो लॉन्ग टर्म में यह एक अच्छा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन बन सकती है।
Eco Recycling Ltd न सिर्फ पर्यावरण के लिए अच्छा काम कर रही है, बल्कि इन्वेस्टर्स के लिए भी मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है। हालांकि, किसी भी स्टॉक में इन्वेस्ट करने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें!
]]>